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Wednesday, February 9, 2011

तबिता

आजकल जादू की सविता मौसी से खूब बनती है।

सोमवार को पूरे दिन जादू मौसी के साथ रहे।

ख़ूब मस्‍ती की।

और तब से आज तक बीच-बीच में ज़ोर-ज़ोर से चिल्‍लाते हैं

'तबिता आने' यानी सविता आईये।

अभी 'मौसी' शब्‍द जादू के शब्‍द-कोष में नहीं है।

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सविता मौसी के साथ जादू की एक पुरानी फोटो।

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